हाईकोर्ट की समयसीमा खत्म, ट्रेजर टाउन में जवाब अब भी लंबित

रहवासियों का आरोप – “फॉलोअप के बावजूद प्रशासक कर रहे हैं जानबूझकर देरी?”

हाईकोर्ट की समयसीमा खत्म, ट्रेजर टाउन में जवाब अब भी लंबित

द एक्सपोज़ लाइव न्यूज़ नेटवर्क इंदौर।

ट्रेजर टाउन प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 30 जनवरी 2025 को दिए गए आदेश में स्पष्ट रूप से तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। अब वह समयसीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन संस्था (Respondent No.6) की ओर से आज तक न्यायालय में जवाब दाखिल नहीं किया गया है।

रहवासियों का कहना है कि लगातार पत्राचार, मेल और फॉलोअप के बावजूद जवाब में देरी हो रही है। प्रारंभिक चर्चा में जवाब न देने की बात कही गई थी, बाद में दबाव के बाद जवाब दाखिल करने की सहमति बनी, लेकिन समयसीमा बीत जाने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

“सभी तथ्य प्रशासक की नियुक्ति से पूर्व के”

रहवासियों का यह भी कहना है कि हाईकोर्ट द्वारा जिन बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है, वे सभी घटनाक्रम प्रशासक की नियुक्ति से पूर्व के हैं। संबंधित दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध कराए जाने का दावा भी किया गया है।

ऐसे में कॉलोनी में यह चर्चा तेज हो गई है कि—

* क्या यह केवल प्रशासनिक लापरवाही है?  

* या जानबूझकर विलंब किया जा रहा है?  

* क्या जवाब रहवासियों को विश्वास में लेकर दाखिल किया जाएगा?  

टाउनशिप के करोड़ों रुपये का सवाल

ट्रेजर टाउन में अधूरे विकास, पार्किंग भूमि विवाद और नियामकीय आदेशों को लेकर मामला पहले से ही चर्चा में है। रहवासियों का कहना है कि यदि जवाब तथ्यात्मक, पूर्ण एवं नियमानुसार न हुआ तो उसका सीधा प्रभाव पूरे टाउनशिप के हितों पर पड़ेगा।

अब मूल प्रश्न यह है—

क्या प्रशासक रहवासियों को साथ लेकर, पारदर्शिता के साथ, उनके हितों की रक्षा करते हुए जवाब प्रस्तुत करेंगे,  

या रहवासियों को अंधेरे में रखकर एकतरफा जवाब दाखिल कर ऐसा निर्णय करेंगे जिससे टाउन का अहित हो सकता है?

Exposive Live इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और यह भी देखेगा कि जवाब रहवासियों के हित में दिया गया या बिना समन्वय के प्रस्तुत किया गया।