MP Budget 2026-27: 4.38 लाख करोड़ का रोडमैप, रोलिंग बजट से तय होगा भविष्य का विकास
मध्यप्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया। बजट की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रदेश की जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया। राज्य ने रोलिंग बजट अपनाकर दीर्घकालिक विकास की दिशा तय की है, जिससे अगले तीन वर्षों की योजनाओं को स्पष्ट रूप से जोड़ा गया है।
10.69% की आर्थिक वृद्धि का अनुमान, कृषि, महिला कल्याण और अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश
लाड़ली बहना, किसान कल्याण और शहरी-ग्रामीण विकास को लेकर बजट में बड़े ऐलान
अमृतकाल 2047 के लक्ष्य के साथ पेश बजट, GYAN+I मॉडल पर टिका विकास का खाका
₹1 लाख करोड़ से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, कोई नया कर नहीं—जनकल्याण केंद्र में
द एक्सपोज लाइव न्यूज नेटवर्क, भोपाल।
मध्यप्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का बजट (MP Budget) प्रस्तुत किया गया। बजट की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रदेश की जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया। राज्य ने रोलिंग बजट अपनाकर दीर्घकालिक विकास की दिशा तय की है, जिससे अगले तीन वर्षों की योजनाओं को स्पष्ट रूप से जोड़ा गया है।
बजट की बड़ी बातें (Quick Summary)
- कुल बजट आकार: ₹4,38,317 करोड़
- नया टैक्स: नहीं
- मध्यप्रदेश बना रोलिंग बजट पेश करने वाला देश का पहला राज्य
- 2026-27 में अनुमानित GSDP: ₹18.48 लाख करोड़
- GSDP वृद्धि दर: 10.69%
- प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि: 9%
- पूंजीगत व्यय: GSDP का 4.80%
- कृषि एवं किसान कल्याण के लिए: ₹1.15 लाख करोड़+
- अधोसंरचना विकास: ₹1 लाख करोड़ से अधिक
- लाड़ली बहना योजना: ₹23,883 करोड़
- बजट का लक्ष्य: विकसित भारत @2047, समृद्ध मध्यप्रदेश
विकास दर्शन और बजट की दिशा
- बजट GYAN+I (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी + उद्योग व इंफ्रास्ट्रक्चर) सिद्धांत पर आधारित
- सामाजिक कल्याण के साथ-साथ औद्योगिक निवेश और आधारभूत ढांचे पर समान फोकस
- अमृतकाल 2047 को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक वित्तीय योजना
कृषि और किसान कल्याण
- कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता: ₹28,158 करोड़
- कृषि आदान व्यवस्था: ₹64,995 करोड़
- उपज का बेहतर मूल्य: ₹8,091 करोड़
- फसल सुरक्षा एवं जोखिम प्रबंधन: ₹13,769 करोड़
- कुल कृषि बजट: ₹1,15,013 करोड़
अधोसंरचना और कनेक्टिविटी
- कुल पूंजीगत परिव्यय: ₹1 लाख करोड़ से अधिक (इतिहास में पहली बार)
- मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना: ₹800 करोड़
- क्षतिग्रस्त पुल पुनर्निर्माण योजना: ₹900 करोड़
- सिंहस्थ से जुड़े कार्य:
- कुल स्वीकृति: ₹13,851 करोड़
- 2026-27 प्रावधान: ₹3,060 करोड़
- शहरी अधोसंरचना के लिए ‘द्वारका योजना’
- अगले 3 वर्षों में संभावित निवेश: ₹5,000 करोड़
ग्रामीण विकास और नवाचार
- ग्रामीण आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार योजना
- स्टाम्प व पंजीयन शुल्क राज्य सरकार वहन करेगी
- प्रावधान: ₹3,800 करोड़
- देश में अपनी तरह की पहली पहल
महिला, बाल और सामाजिक कल्याण
- यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना: ₹700 करोड़
- 5 वर्षों में अनुमानित खर्च: ₹6,600 करोड़
- मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना: ₹23,883 करोड़
- ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन: ₹10,428 करोड़
युवा, शिक्षा और स्वास्थ्य
- सांदीपनि विद्यालय, पीएम श्री कॉलेज और मेडिकल कॉलेजों का विस्तार
- हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा
- पीएम श्री हेली सेवा की शुरुआत
- पर्यटकों से सामान्य किराये का सिर्फ 1/10 हिस्सा
- गरीबों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा
पर्यटन, पर्यावरण और वन्यजीव
- प्रदेश में 13.5 करोड़ पर्यटक, जिनमें 1.5 लाख विदेशी
- टेंट सिटी, होम-स्टे जैसे पर्यटन नवाचार
- कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 38
- फरवरी में बोत्सवाना से 8 नए चीते लाए जाएंगे
- वन्यजीव सुरक्षा के लिए बफर जोन में फेंसिंग और चेतावनी प्रणाली
वित्तीय प्रबंधन
- बेहतर संसाधन प्रबंधन से बजट आकार में निरंतर वृद्धि
- विकास और जनकल्याण योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान
