शहर का हर पथ बना कर्तव्य पथ, 77वें गणतंत्र दिवस पर इंदौर देशभक्ति में डूबा
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की धूम पूरे देश में देखने को मिली, लेकिन जिस तरह यह राष्ट्रीय पर्व इंदौर में मनाया गया, उसने इसे दीपावली से भी बड़ा उत्सव बना दिया। दीपावली पर जहां घर-घर दीपों की जगमगाहट होती है, वहीं गणतंत्र दिवस पर शहर की हर सड़क, हर गली और हर चौराहा तिरंगे की चमक से रोशन नजर आया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा शहर ही “कर्तव्य पथ” में तब्दील हो गया हो।
द एक्सपोज़ लाइव इंदौर
हर वर्ष की तरह इस बार भी सरकारी दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों और जिला मुख्यालयों पर गणतंत्र दिवस की भव्य तैयारियां देखने को मिलीं, लेकिन इंदौर की खासियत यह रही कि यहां उत्सव सिर्फ औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा। शहर के हर मोहल्ले, हर नुक्कड़ और हर कॉलोनी में स्वतःस्फूर्त रूप से ध्वजारोहण किया गया। दुकानों पर तिरंगे की सजी हुई सजावट, वाहनों पर लहराते राष्ट्रीय ध्वज और बच्चों के हाथों में तिरंगा लिए मुस्कान—हर दृश्य देशभक्ति का जीवंत उदाहरण बन गया।
पारंपरिक रूप से इस पावन अवसर पर बूंदी ( नुगदि ) और बूंदी के लड्डुओं का वितरण किया गया। राष्ट्रगान के समय बिना किसी आग्रह के लोगों का सम्मानपूर्वक खड़ा होना, सिर झुकाकर तिरंगे को नमन करना और “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों से वातावरण का गूंज उठना, यह दर्शाता है कि देशभक्ति इंदौरवासियों के रक्त में बसती है।
जैसे दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कड़ाके की ठंड के बावजूद देशभक्ति का जज्बा देखने को मिलता है, उसी प्रकार इंदौर में भी मौसम की करवट के बावजूद उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। सुबह से लेकर शाम तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। देशभक्ति गीतों, नृत्य प्रस्तुतियों और बच्चों द्वारा दी गई झांकियों ने स्वतंत्र भारत की गौरवगाथा को जीवंत कर दिया।
केसरिया, सफेद और हरे रंग से सजी शहर की मुख्य सड़कें मन में एक अलग ही गर्व और भावनात्मक अनुभूति पैदा कर रही थीं। यह सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि संविधान के प्रति सम्मान, लोकतंत्र में आस्था और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का सामूहिक प्रदर्शन था।

देश भक्ति के साथ जन्मदिन की खुशियाँ
गणतंत्र दिवस की इस पावन बेला पर कुछ विशेष क्षण भी देखने को मिले। कई स्थानों पर 26 जनवरी को जन्मे नागरिकों ने अपना जन्मदिन भी राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया। ऐसा ही एक दृश्य मेघदूत फोन गार्डन में देखने को मिला, जहां एक गीत-संगीत संस्था द्वारा अपने सदस्य का जन्मदिन मनाया गया। आमतौर पर जन्मदिन पर फिल्मी गीतों की धुन सुनाई देती है, लेकिन इस खास अवसर पर देशभक्ति गीतों की विशेष प्रस्तुति दी गई। “ऐ मेरे वतन के लोगों” और “वंदे मातरम्” जैसे गीतों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
कुल मिलाकर, इंदौर में मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस यह संदेश देकर गया कि देशभक्ति किसी मंच या समारोह की मोहताज नहीं होती, बल्कि वह हर नागरिक के दिल में बसती है। जब पूरा शहर एक साथ तिरंगे के रंग में रंग जाए, तब सचमुच हर पथ कर्तव्य पथ बन जाता है।