65 लाख की जमीन का सौदा, 16 लाख 25 हज़ार लेने के बाद भी नहीं हुई रजिस्ट्री! पीड़ित ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप
आगर मालवा की कृषि भूमि के सौदे में लाखों रुपये लेने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं करने का आरोप, पुलिस से की सख्त कार्रवाई की मांग
द एक्सपोज़ लाइव न्यूज़ नेटवर्क इंदौर
नीरज द्विवेदी (9993949000)
इंदौर। भूमि सौदों में धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला इंदौर निवासी फारूक पटेल द्वारा पुलिस के समक्ष दिए गए आवेदन में सामने आया है, जिसमें उन्होंने कई व्यक्तियों पर लाखों रुपये लेने के बावजूद भूमि की रजिस्ट्री नहीं करने तथा धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगर मालवा जिले के ग्राम कबीरखेड़ा स्थित सर्वे नंबर 117/2 की लगभग 1.08 हेक्टेयर कृषि भूमि का सौदा 26 सितंबर 2025 को कुल 65 लाख 34 हजार रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि सौदे के तहत खरीदार द्वारा 15 लाख रुपये बतौर बयाना दिए गए, जिसमें 3 लाख रुपये बैंक चेक तथा 12 लाख रुपये नकद भुगतान किए गए।
नोटरी पर हुआ इकरारनामा, फिर भी नहीं हुई रजिस्ट्री
आवेदन के अनुसार, भूमि सौदे को लेकर नोटरी के समक्ष इकरारनामा भी संपादित किया गया था, जिसमें शेष 50 लाख 34 हजार रुपये निर्धारित अवधि में भुगतान करने तथा समय पर रजिस्ट्री करने का उल्लेख था। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने कई बार शेष राशि देकर रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया, लेकिन संबंधित पक्ष लगातार टालमटोल करते रहे और आज दिनांक तक रजिस्ट्री नहीं की गई।
अन्य लोगों से भी इसी तरह की धोखाधड़ी का आरोप
आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार के भूमि सौदों में राशि लेकर रजिस्ट्री नहीं करने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, लेकिन आवेदन में इस आशय का उल्लेख किया गया है।
जान से मारने की धमकी का भी आरोप
मामले को और गंभीर बनाते हुए फरियादी ने आरोप लगाया है कि रजिस्ट्री और राशि को लेकर विवाद बढ़ने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं, जिससे वे भयभीत हैं। इसी कारण उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
इन धाराओं में कार्रवाई की मांग
फरियादी ने अपने आवेदन में आरोपित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक न्यास भंग), 467, 468, 471 सहित अन्य उपयुक्त धाराओं में अपराध दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने का अनुरोध भी किया है।
भूमि सौदों में बढ़ते विवादों ने खड़े किए सवाल
यह मामला एक बार फिर भूमि खरीद-बिक्री के दौरान पारदर्शिता, दस्तावेजों की जांच और कानूनी सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करता है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आवेदन में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।