एमपी में मिशन ‘एस्ट्रो विलेज’, ऐसे गांव जहां लोग छुट्टी मनाने नहीं, ‘आसमान देखने’ आएंगे!

मध्य प्रदेश के शांत गांवों में रात का आसमान अब एक रहस्य बनकर खुलने वाला है। यहां कुछ ऐसा बनने जा रहा है, जिसे देखकर लोग चौंक जाएंगे—क्योंकि अब गांवों में दिखेगा एक नया ‘तारों वाला संसार’…

एमपी में मिशन ‘एस्ट्रो विलेज’, ऐसे गांव जहां लोग छुट्टी मनाने नहीं, ‘आसमान देखने’ आएंगे!

मध्य प्रदेश ला रहा है देश की सबसे अनोखी पहल — 15 से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में बनेगा नया पर्यटन संसार

जहां गांवों की रातों में सिर्फ अंधेरा होता था, अब वहीं दिखेंगे तारे, ग्रह, टूटते सितारे और आसमान के अद्भुत नज़ारे

द एक्सपोज लाइव न्यूज नेटवर्क, भोपाल।

मध्य प्रदेश अब पर्यटन को पूरी तरह नया चेहरा देने जा रहा है। पहली बार राज्य के गांवों को ऐसे स्थानों में बदला जा रहा है जहां आने वाले पर्यटक रात के समय खुले आसमान में तारों, ग्रहों और दुर्लभ खगोलीय घटनाओं को लाइव देख सकेंगे।

राज्य सरकार और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (एमपीटीबी) की इस योजना का नाम है — ‘एस्ट्रो विलेज प्रोजेक्ट’।

और सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि ये गांव ऐसे बनाए जा रहे हैं जहां सड़कें, पगडंडियां और खेत नहीं… बल्कि खुद आसमान पर्यटन का केंद्र होगा! इन गांवों को एमपी का पहला ‘डार्क स्काई ज़ोन’ बनाया जाएगा, जहां रोशनी कम रखकर रात का प्राकृतिक सौंदर्य सुरक्षित किया जाएगा।

क्यों खास है यह पहल?

आज शहरों की रोशनी ने आसमान को ढक दिया है। तारे अब दिखाई देना किसी सपने जैसा लगने लगा है। लेकिन एमपी के कई गांव अब भी रात को बिल्कुल साफ़, गहरे और शांत आसमान का अनुभव कराते हैं।
यही प्राकृतिक सुंदरता अब प्रदेश की नई पर्यटन पहचान बनने जा रही है।

एस्ट्रो विलेज में यह सब होगा —

  • दूरबीनों से तारे, ग्रह, चांद के गड्ढे
  • टूटते तारे और खास आसमानी घटनाएं
  • रात के समय स्काई-वॉचिंग
  • गांव के युवाओं द्वारा गाइडेड ‘स्टार टूर’

अर्थात, रात में आसमान ही मुख्य आकर्षण होगा।

किन गांवों का होगा चयन?

एमपीटीबी ने पहले चरण में जिन गांवों को चुना है, वे हैं: धुसावनी (छिंदवाड़ा), कजरा, बज्जरवाड़ा/बांचा (बैतूल), बरेलिपार/कोहका (सिवनी), छेदका/ढाबा (नर्मदापुरम), रांछा/दोभा (उमरिया), मदहा (सिंगरौली), उमरगोहन (अनूपपुर), चुगान (मंडला), मनोर (पन्ना), ज्ञानपुरा (धार), रिछकुड़ी (दमोह) और अन्य ग्रामीण इलाक़े जहां रात के समय आसमान बिल्कुल साफ़ दिखता है।

ग्रामीण युवाओं को मिलेगा नया रोजगार

इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है गांव के लोग। यहीं के युवाओं को प्रशिक्षित कर एस्ट्रो गाइड बनाया जाएगा, जो पर्यटकों को दूरबीन से आकाश दिखाएंगे, तारों की पहचान कराएंगे और रात्रि आयोजन करवाएंगे। यह गांवों में नया रोजगार और नई पहचान दोनों देगा।

स्कूलों, परिवारों और यात्रियों के लिए नया अनुभव

एमपी पर्यटक बोर्ड स्कूलों में विशेष कार्यक्रम चलाएगा जहां बच्चे भी रात के आसमान के बारे में सीख सकेंगे।
सप्ताहांत पर विशेष एस्ट्रो इवेंट होंगे। होम स्टे और स्थानीय होटल भी जुड़ेंगे ताकि पर्यटक रातभर अनुभव का आनंद ले सकें।

मध्य प्रदेश भारत का ‘नाइट टूरिज़्म’ हब

एमपीटी का कहना है कि एस्ट्रो विलेज प्रोजेक्ट सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जिसे लोग जीवनभर याद रखेंगे। यह एमपी को देश में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्ट्रो-टूरिज़्म डेस्टिनेशन बनाएगा। गांव विकसित होंगे, रोजगार बढ़ेगा और हम सब उस आसमान को फिर से देख सकेंगे जो शहरों ने हमसे छीन लिया है।