सावधान..! मोबाइल पर कोड डायल करते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट — साइबर पुलिस ने दी चेतावनी

अगर किसी अनजान नंबर से फोन आए और सामने वाला कहे — “आप बस मोबाइल में *21# डायल कर दीजिए, आपका नंबर एक्टिव हो जाएगा”, तो तुरंत कॉल काट दीजिए। यह अब एक नई साइबर ठगी की चाल है, जिससे हजारों लोग अपने बैंक अकाउंट, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट गंवा चुके हैं।

सावधान..! मोबाइल पर कोड डायल करते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट — साइबर पुलिस ने दी चेतावनी
Cyber Scam

साइबर ठग अब लोगों को कॉल फॉरवर्डिंग के ज़रिए बना रहे हैं शिकार, *21# जैसे कोड डायल करते ही आपका फोन पूरी तरह उनके कंट्रोल में

द एक्सपोज लाइव न्यूज नेटवर्क, भोपाल।

आपको अगर किसी अनजान व्यक्ति का फोन आए और वह आपसे कहे कि “मोबाइल में *21# या कोई दूसरा कोड डायल करो”, तो सावधान हो जाइए! ऐसा करते ही आपकी मोबाइल कॉल और मैसेज किसी ठग के फोन पर पहुंच जाएंगे। इससे वह आपके बैंक खाते, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बना सकता है।

साइबर पुलिस ने हाल ही में एक नई और बेहद खतरनाक ऑनलाइन ठगी का खुलासा किया है, जिसमें कॉल फॉरवर्डिंग (Call Forwarding) का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस ठगी में ठग खुद को बैंक अधिकारी, मोबाइल कंपनी कर्मचारी या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते हैं। मध्यप्रदेश साइबर पुलिस ने इसको लेकर राज्यभर में अलर्ट जारी किया है।

कैसे फंसाते हैं ठग

  • साइबर ठग पहले आपको फोन करके खुद को बैंक अधिकारी, मोबाइल कंपनी या सरकारी विभाग का कर्मचारी बताते हैं।
  • वे किसी न किसी बहाने — जैसे “आपका सिम बंद हो जाएगा”, “KYC अपडेट करनी है” या “बैंक अकाउंट ब्लॉक हो गया है” — कहकर आपसे *21# या कोई दूसरा कोड डायल करने को कहते हैं।
  • जैसे ही आप वह कोड डायल करते हैं, आपके मोबाइल पर आने वाली सभी कॉल और मैसेज ऑटोमैटिक ठग के फोन पर फॉरवर्ड हो जाते हैं।
  • इसका मतलब, अब जब आपके बैंक या किसी ऐप से ओटीपी (OTP) आएगा, तो वह सीधे ठग को मिलेगा — आपको नहीं।

फिर कैसे होता है नुकसान

  • ठग को मिल जाते हैं आपके बैंक के ओटीपी और अलर्ट मैसेज
  • वो आपके बैंक ऐप या यूपीआई को अपने फोन से चला सकते हैं।
  • आपका व्हाट्सएप हैक करके आपके परिवार या दोस्तों से पैसे मांग सकते हैं।
  • सोशल मीडिया अकाउंट से आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।

कई लोग तब तक नहीं समझ पाते जब तक उनके फोन पर कॉल या मैसेज आना बंद नहीं हो जाता। तब तक ठग उनकी सारी जानकारी निकाल चुका होता है।

क्या करें और क्या न करें

साइबर पुलिस की अपील है:

  • किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर *21# या कोई दूसरा कोड कभी डायल न करें।
  • ओटीपी, बैंक डिटेल, पासवर्ड या पिन किसी से साझा न करें।
  • संदिग्ध कॉल या मैसेज को तुरंत ब्लॉक करें और रिपोर्ट करें।
  • कॉल फॉरवर्डिंग की सेटिंग समय-समय पर जांचते रहें।

और अगर आपको शक हो कि आपके कॉल या मैसेज कहीं और फॉरवर्ड हो रहे हैं, तो तुरंत अपने मोबाइल से ##21# डायल करें।
यह कोड सभी कॉल फॉरवर्डिंग बंद कर देता है।

मदद के लिए यहां करें संपर्क

अगर आप या आपके किसी परिचित के साथ साइबर ठगी हुई है, तो तुरंत
राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर — 1930 पर कॉल करें।
या फिर भोपाल साइबर पुलिस हेल्पलाइन — 9479990636 पर संपर्क करें।
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए वेबसाइट है — www.cybercrime.gov.in

याद रखें

बैंक या मोबाइल कंपनी कभी भी आपसे कोई कोड डायल करने या ओटीपी बताने को नहीं कहती।
अगर कोई ऐसा कहे — तो समझ लीजिए, सामने वाला ठग है।

थोड़ी सी सावधानी, बड़ी सुरक्षा!

राज्य साइबर पुलिस का कहना है, “ठग अब कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग का नया तरीका अपना रहे हैं। अगर जनता सतर्क रहे, तो कोई भी ठगबाज सफल नहीं हो सकता।”

यह खबर हर मोबाइल यूजर के लिए है- 

इसे जरूर पढ़ें, समझें और अपने परिवार, गांव और दोस्तों तक पहुंचाएं।
क्योंकि अब ठगी सिर्फ इंटरनेट पर नहीं, आपके फोन पर भी पहुंच चुकी है।