इंदौर नगर निगम ने ट्रेजर मार्केट सिटी फेज-4 पर लगाया ब्रेक, काम रोकने का आदेश

इंदौर नगर निगम की कॉलोनी सेल ने ट्रेजर मार्केट सिटी फेज-4 में बिना डेवलपमेंट परमिशन चल रहे निर्माण कार्य पर सख्ती दिखाई है। ‘द एक्सपोज लाइव’ की खबर के बाद निगम ने डेवलपर्स को नोटिस जारी कर तत्काल काम रोकने और 3 दिन में जवाब देने का आदेश दिया। मामले में CM हेल्पलाइन शिकायत, बिना RERA रजिस्ट्रेशन प्लॉट बिक्री और अवैध विकास कार्यों के आरोप सामने आए हैं। अब निगम की आगामी कार्रवाई और डेवलपर्स के जवाब पर पूरे मामले की दिशा तय होगी।

इंदौर नगर निगम ने ट्रेजर मार्केट सिटी फेज-4 पर लगाया ब्रेक, काम रोकने का आदेश

‘द एक्सपोज लाइव’ की खबर के बाद हरकत में आया निगम प्रशासन, डेवलपर्स को नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब; बिना डेवलपमेंट परमिशन चल रहे निर्माण पर सख्ती शुरू

इन्दौर।

नगर निगम की कॉलोनी सेल ने बिजलपुर ग्राम स्थित ट्रेजर मार्केट सिटी फेज-4 परियोजना में बिना विकास अनुज्ञा (डेवलपमेंट परमिशन) के चल रहे निर्माण को लेकर संज्ञान लिया है। कॉलोनी सेल ने प्रोजेक्ट के डेवलपर्स – इन्दीर ट्रेजर टाऊन प्राइवेट लिमिटेड और एन्टरटेन्मेन्ट वर्ल्ड डेवलपर्स बिजलपुर प्राइवेट लिमिटेड – को नोटिस जारी करते हुए किसी भी प्रकार के निर्माण/विकास पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है। साथ ही तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

निगम का नोटिस: क्या कहा?

कॉलोनी सेल के सहायक यंत्री द्वारा जारी पत्र (क्रमांक 1059/कॉलोनी सेल/2026, दिनांक 04/05/2026) के अनुसार:

  • शिकायत: श्री पंकज खनुजा ने सीएम हेल्पलाइन (शिकायत क्रमांक 37093290, दिनांक 04/03/2026) और निगम कार्यालय (आवक क्रमांक 6276, 3777, 3873) में शिकायत दर्ज कराई थी कि डेवलपर्स बिना डेवलपमेंट परमिशन के नया निर्माण कार्य शुरू कर रहे हैं।
  • विवादित भूमि: ग्राम बिजलपुर, तहसील राऊ, जिला इन्दौर के खसरा नंबर 877/1, 877/2/2, 878/1, 878/2, 885, 887/1/1, 888, 919/1/1, 919/1/2/2, 919/2/2 (कुल रकबा 7.847 हेक्टेयर) का हिस्सा। नेट स्कीम एरिया 38032.72 वर्गमीटर पर तथाकथित "ट्रेजर मार्केट सिटी फेज-4" नाम से आवासीय भूखण्डीय विकास दिखाया जा रहा है।
  • निर्देश:
  • बिना निगम से विकास अनुज्ञा प्राप्त किए कोई भी निर्माण/विकास कार्य न करें।
  • यदि कार्य प्रारंभ हो चुका है तो तत्काल बंद करें।
  • नोटिस प्राप्ति के 03 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
  • आदेश का उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी।

नोटिस की एक प्रति शिकायतकर्ता श्री पंकज खनुजा को भी भेजी गई है।

खबर का असर: ‘द एक्सपोज लाइव’ ने खोले तथ्यों के पन्ने

गौरतलब है कि 6 मई 2026 को ही ‘द एक्सपोज लाइव’ ने इस पूरे मामले को ‘EXPOSED’ शीर्षक से उजागर किया था। हमारी उस रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि कैसे ट्रेजर मार्किट सिटी फेज-4 में बिना डेवलपमेंट परमिशन के काम चल रहा है, बिना RERA रजिस्ट्रेशन के प्लॉट बेचे जा रहे हैं, और इससे पहले के दो प्रोजेक्ट में भी रहवासी लगातार शिकायतें कर रहे हैं।

हमारी टीम ने रिपोर्ट में बताया था कि:

  • नवंबर 2025 से लगातार कॉलोनी सेल, निगम, सीएम हेल्पलाइन को शिकायतें भेजी जा रही थीं।
  • CM हेल्पलाइन (शिकायत क्रमांक 37093290) के निराकरण में निगम ने कहा कि “सिर्फ बाउंड्री वॉल” बन रही है, जबकि मौके पर सड़क की खुदाई, JCB से काम, प्लॉट-रोड मार्किंग, अंडरग्राउंड पाइपलाइन जैसे कार्य जारी थे।
  • बिल्डर ने अब तक Development Permission के लिए आवेदन तक प्रस्तुत नहीं किया था, फिर भी काम चल रहा था।
  • वर्ष 2010 की कॉलोनी का ट्रांसफर लंबित, STP बंद, सीवेज स्टॉर्म लाइन में छोड़ने जैसे गंभीर आरोप भी लगे थे।

हमारी इसी खबर का असर हुआ कि मामला और गरम हुआ, सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ी और आखिरकार 6 मई 2026 को शाम तक नगर निगम की कॉलोनी सेल ने डेवलपर्स को सख्त नोटिस जारी कर तत्काल काम रोकने और तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दे दिया।

डेवलपर्स की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

नोटिस जारी होने के बाद डेवलपर्स की ओर से आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं आया है। हालाँकि, सूत्रों के अनुसार प्रोजेक्ट के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता श्री योगेश गोस्वामी और श्री अजय कुमार जैन से निगम द्वारा स्पष्टीकरण माँगा गया है। दोनों कंपनियों का पंजीकृत पता मुंबई (वीणा मॉल, कांदिवली पूर्व) और स्थानीय पता ट्रेजर आइलैंड, तुकोगंज, इंदौर बताया गया है।

स्थानीय निवासियों में रोष

ट्रेजर टाउन कॉलोनी के रहने वालों ने राहत व्यक्त की है। एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "पिछले कई महीनों से बिना परमिशन के नए फेज का निर्माण चल रहा था। हमारी शिकायतों को दबाया जा रहा था। ‘द एक्सपोज लाइव’ की पिछली खबर के बाद मामला गरम हुआ और अब निगम को हिलकर काम करना पड़ा।"

शिकायतकर्ता श्री पंकज खनुजा ने हमारी टीम से बात करते हुए कहा:

"मैंने नवंबर 2025 से पहले निगम को अवगत कराया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ‘द एक्सपोज लाइव’ ने जब यह खबर प्रमुखता से चलाई, तो प्रशासन सक्रिय हुआ। आज कॉलोनी सेल ने सख्त नोटिस जारी कर दिया है। उम्मीद है बिना अनुमति का धंधा अब बंद होगा।"

आगे क्या?

अब निगम द्वारा दिए गए तीन दिन के स्पष्टीकरण के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। अगर डेवलपर्स संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ एम.पी. भूमि विकास नियम, 1984 और नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, जो भी खरीददार पहले से इस परियोजना में यूनिट/प्लॉट ले चुके हैं, उनके लिए भविष्य में कानूनी दिक्कतें आ सकती हैं।

‘द एक्सपोज लाइव’ ने पिछली रिपोर्ट में ही लोगों को सचेत किया था कि बिना निगम अनुमति वाले किसी भी कॉलोनी प्रोजेक्ट में निवेश न करें। आज यह चेतावनी सही साबित होती दिख रही है। मामले पर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर हम आपको अपडेट करते रहेंगे।

यह खबर उन सैकड़ों कॉलोनियों के लिए एक चेतावनी है, जो बिना मानचित्र स्वीकृति और विकास अनुज्ञा के प्लॉट बेच रहे हैं। द एक्सपोज लाइव आपकी आवाज है – ऐसी अनियमितता की सूचना हमें अवश्य दें।