शासकीय भूमि पर बनी अवैध इमारत का कब्ज़ा लेने की तैयारी
हाई कोर्ट के आदेश के बाद राजस्व अमला एक बार पुनः ग्राम खजराना के सर्व नंबर 543/2, एवम् 543/1 की भुमि के सत्यापन हेतू पहुंचा।

द एक्सपोज़ लाइव न्यूज़ नेटवर्क इंदौर
यहां सरकारी भूमि पर बिल्डर और भूमि स्वामी कंचन जैन व अन्य ने कंप्यूटर नक्शे में खसरे खिसका कर सरकारी भूमि पर बिल्डिंग बना दी थी ।
सरकार के संज्ञान में आते ही उक्त बिल्डिंग को अवैध घोषित कर राजसात कर लिया गया था । परंतु बिल्डर ने कांग्रेस के शासन काल में राजस्व मंडल से अपने कूट रचित नक्शे अनुसार संशोधन के आदेश करवा लिए थे ।
बिना दस्तावेज देखे राजस्व मण्डल ने दे दिया आदेश लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल उठा था की उसके अनुसार यदि तरमीम उठाई जाती हे तो सरकार को खाली भूमि नहीं मिलकर बस्ती मिलेगी ,जो की पहले ही भूमि स्वामी द्वारा अवैध बस्ती में तब्दील कर दी गयी हे ।
उक्त अवैध बिल्डिंग के संबंध में क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया, राजेश उदावत , संजय कटारिया द्वारा लगातार पत्राचार किया गया था जिस पर तत्कालीन जिलाधीश पी नरहरि द्वारा तुरंत कार्यवाही कर ईमारत को राजसात कर लिया गया था
अब बिल्डर वर्ष 1988 के एक ऐसे नक्शे के आधार पर तरमीम चाहता हे जिसको उसने भूमि खरीदते समय भी पंजीयन में नही लगाया और स्थल अनुमोदन और भवन अनुज्ञा में भी नहीं प्रस्तुत किया और पटवारी रिकॉर्ड कहता हे की वर्ष 1999 तक कोई तरमीम नहीं उठाई गई थी !