रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार (#Corruption) का बड़ा खुलासा! रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया के आठ ठिकानों पर लोकायुक्त (#Lokayukta) की टीम ने छापेमारी (#Raid) की। भदौरिया ने अपने पुराने संपर्कों का इस्तेमाल कर अवैध शराब (#IllegalLiquor) का सिंडिकेट चलाया, जिसका नेटवर्क मध्य प्रदेश से गुजरात तक फैला हुआ था। क्या प्रवर्तन निदेशालय (#ED) शामिल होगा और काले धन (#BlackMoney) का आंकड़ा 500 करोड़ से पार जाएगा? जानिए किस तरह कानून सबके लिए बराबर है और लोकायुक्त की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नई मिसाल क्यों बन सकती है।
भ्रष्टाचार का बादशाह बेनकाब: 75 लाख नकद, ढाई किलो सोना बरामद; अवैध शराब सिंडिकेट और संपत्ति की जांच शुरू
न्यूज द एक्सपोज लाइव, इंदौर
बुधवार सुबह लोकायुक्त (#Lokayukta) की टीम ने धर्मेंद्र भदौरिया के आठ ठिकानों पर छापेमारी (#Raid) कर 75 लाख रुपये नकद, ढाई किलो सोना, 2.5 किलो चांदी, लग्जरी गाड़ियां और महंगी साड़ियां जब्त कीं। जांच में उनके 8 बैंक खाते, 3 लॉकर और अवैध शराब (#IllegalLiquor) नेटवर्क का खुलासा हुआ। प्रवर्तन निदेशालय (#ED) शामिल होने पर काले धन (#BlackMoney) का आंकड़ा 500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
लोकायुक्त (#Lokayukta) डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर की गई है। भदौरिया की सेवा अवधि के दौरान उनकी वैध आय करीब दो करोड़ रुपये थी, लेकिन जांच में उनकी संपत्ति और खर्च आठ करोड़ रुपये से ज्यादा पाए गए हैं। टीम ने इंदौर में सात जगहों पर छापे मारे, जिनमें ओल्ड पलासिया का फ्लैट, एरोड्रम रोड का कार्यालय, बिजनेस पार्क ऑफिस, कैलाश कुंज और बिजनेस स्काई पार्क शामिल हैं। वहीं, ग्वालियर के इंद्रमणि नगर में उनके निवास पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सुबह छह बजे शुरू हुई यह कार्रवाई पूरे दिन जारी रही और पुलिस की मदद से ठिकानों को घेरा गया।
अवैध शराब सिंडिकेट का खुला राज
जांच में सामने आया कि भदौरिया ने आबकारी विभाग में रहते हुए अवैध शराब (#IllegalLiquor) सिंडिकेट चलाया। धार जिले की डिस्टिलरी से शराब का परिवहन उनके नेटवर्क के तहत होता था। उनके समधी एके सिंह के साथ मिलकर यह धंधा मध्य प्रदेश से गुजरात तक फैला हुआ था।
करियर का सफर: रिटायरमेंट के बाद भी सक्रिय
भदौरिया 1987 में आबकारी विभाग में भर्ती हुए थे। सहायक जिला आबकारी अधिकारी के रूप में उन्होंने 2020 में शराब ठेकों की नीलामी (#Auction) में लापरवाही (#Negligence) की और निलंबित हुए। रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने अपने पुराने संपर्कों का इस्तेमाल कर काली कमाई (#BlackMoney) जारी रखी।
बढ़ सकता है काले धन का आंकड़ा
छापे में 75 लाख रुपये नकद, 1.5 किलो सोने की ईंटें, सोने-चांदी के आभूषण, एक रिवॉल्वर, लग्जरी गाड़ियां, मंहगी साड़ियां, मंहगे परफ्यूम और अन्य कीमती सामान बरामद हुए हैं। साथ ही कृषि भूमि का भी जिक्र आ रहा है। हालांकि, संपत्ति का कुल मूल्य अभी तक आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यदि प्रवर्तन निदेशालय (#ED) शामिल होता है, तो यह 500 करोड़ रुपये से अधिक का काले धन (#BlackMoney) केस बन सकता है। लोकायुक्त (#Lokayukta) ने संकेत दिए हैं कि भदौरिया के सहयोगियों, ट्रांसफर चैनल और नेटवर्क की भी जांच होगी।
कानून सबके लिए बराबर
यह कार्रवाई यह दिखाती है कि भ्रष्टाचार (#Corruption) के खिलाफ कोई भी सुरक्षित नहीं। सिस्टम (#System) की कमजोरियों का फायदा उठाकर अधिकारी करोड़पति बन जाते हैं, जबकि आम लोग नियम (#Rules) का पालन करते हैं।
जांच पूरी होने के बाद एफआईआर (#FIR) दर्ज की जाएगी और संपत्ति का फोरेंसिक ऑडिट (#ForensicAudit) किया जाएगा। अभी तक जब्त सामान की आधिकारिक गिनती (#OfficialCount) जारी है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान से संपत्ति का आंकड़ा चौंकाने वाला बताया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार (#Corruption) के खिलाफ मुहिम तेज
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार और जांच एजेंसियों की उस मुहिम (#AntiCorruptionDrive) का हिस्सा है, जिसमें पद (#Position) का दुरुपयोग (#Misuse) करने वाले अधिकारियों पर नजर रखी जा रही है।

धर्मेंद्र भदौरिया