दीपावली के अवसर पर राजवाड़ा में लगेंगी परंपरागत रेहड़ी-पटरी की दुकानें
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दीपावली पर गरीब और छोटे व्यापारियों के लिए सराहनीय कदम उठाया है। राजवाड़ा और परंपरागत बाजारों में रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को त्योहार के दौरान मान-सम्मान के साथ दुकान लगाने की अनुमति दी गई है। इससे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।
महापौर ने दी स्वदेशी त्योहार मनाने की अपील, अधिकारियों को कार्रवाई न करने के दिए निर्देश
द एक्सपोज लाइव न्यूज नेटवर्क, इंदौर।
दीपावली पर शहर के परंपरागत बाजारों में रौनक लौटने वाली है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजवाड़ा और अन्य पारंपरिक बाजारों में हर वर्ष की तरह इस बार भी रेहड़ी-पटरी की दुकानें लगती रहेंगी।
महापौर ने कहा कि दीपावली पर कोई भी रेहड़ी-पटरी दुकानदार हटाया नहीं जाएगा। जिन स्थानों पर वर्षों से बाजार सजते हैं— जैसे राजवाड़ा, सराफा, मारोठिया बाजार, बड़वाली चौक, सीतलामाता बाजार— वहां दुकानदार मान-सम्मान के साथ अपनी दुकानें लगा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि शहर की स्वदेशी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और छोटे व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर बनी दीपावली सामग्री— जैसे दीये, मिट्टी के बर्तन, सजावट के सामान और हस्तनिर्मित खिलौनों— की बिक्री बढ़ेगी, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक फायदा होगा।
महापौर ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे “स्वदेशी वाली दिवाली” मनाएं और स्थानीय दुकानदारों से ही दीपावली का सामान खरीदें। उन्होंने कहा,
हम सब आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ स्वदेशी दिवाली मनाएं। हमारे रेहड़ी और पटरी वाले भाई-बहन मान, सम्मान और स्वाभिमान के साथ त्योहार मना सकें, इसके लिए सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।- पुष्यमित्र भार्गव, मेयर इंदौर