महापौर ने रंग पंचमी व ग्रीष्मकालीन जल व्यवस्था को लेकर की समीक्षा बैठक
पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश, नागरिकों तक पानी न पहुंचने पर होगी जवाबदारी तय

द एक्सपोज़ लाइव न्यूज़ नेटवर्क इंदौर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने रंग पंचमी एवं ग्रीष्मकाल के दौरान जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीटी बस कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य अभिषेक शर्मा 'बबलु', अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, रोहित सिसोनिया, उपायुक्त शैलेन्द्र अवस्थी, झोनल अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक की शुरुआत में महापौर ने निगमायुक्त शिवम वर्मा को नगर निगम में एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने पर पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं।
रंग पंचमी पर विशेष सफाई अभियान
महापौर ने निर्देश दिए कि रंग पंचमी के दौरान मध्य क्षेत्र में निकलने वाली गैर यात्रा के पश्चात विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। इस अभियान को इस तरह संचालित किया जाए कि नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बनी रहे और सफाई को लेकर जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।
ग्रीष्मकालीन जल आपूर्ति को लेकर सख्त निर्देश
महापौर भार्गव ने ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए शहर में पेयजल टंकियों को पर्याप्त मात्रा में भरने के निर्देश दिए, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही, जलापूर्ति के दौरान लीकेज एवं गंदे पानी की समस्या का त्वरित समाधान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
कुएं-बावड़ियों के पानी का होगा उचित उपयोग
समीक्षा बैठक में बताया गया कि नगर निगम द्वारा किए गए निरीक्षण में 218 कुओं का पानी पीने योग्य पाया गया है। महापौर ने निर्देश दिए कि इन कुओं पर हाईड्रेंट लगाकर पेयजल आपूर्ति की जाए। वहीं, 324 कुएं और बावड़ियों का पानी पीने योग्य नहीं होने के कारण इनका उपयोग उद्यानों की सिंचाई एवं विकास कार्यों में किया जाएगा।
रीयूज ट्रीटेड वाटर का उपयोग अनिवार्य
महापौर ने निर्देश दिए कि विकास एवं सिंचाई कार्यों में नर्मदा जल के बजाय रीयूज ट्रीटेड वाटर का उपयोग किया जाए। साथ ही, बिना अनुमति नए बोरिंग न किए जाएं, जब तक कोई अत्यावश्यक स्थिति न हो।
महापौर ने कहा कि ग्रीष्मकाल में जल संकट न हो, यह सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जल आपूर्ति की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें और किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न होने दें।