तीन मासूम स्कूल से आये, खेलने गए, फिर न लौटे

कल शाम खुड़ैल थाना क्षेत्र स्थित ग्राम ख़ातीपिपलिया में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। यहाँ गांव के 3 मासूम शाम को स्कूल से घर आने के बाद खेलते-खेलते गांव में बने हुए तालाब किनारे पहुंच गए और अपनी जान गवां बैठे।

तीन मासूम स्कूल से आये, खेलने गए, फिर न लौटे

तीन मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन, शासन प्रशासन या गाँव के लोग..?

तालाब के अवैध खनन ने ली बच्चों की जान, खनन माफिया की मनमानी जारी

द एक्सपोज़ लाइव न्यूज़ नेटवर्क, इंदौर।

बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे अंशुल पिता गिरीश, प्रियांशु पिता सतीश, आयुष पिता कमल,  तीनों बच्चे कक्षा तीसरी में पढ़ते थे। दोपहर में स्कूल से घर आये और गांव में ही खेलने चले गए। शाम को 5 बजे तक घर नहीं लौटे तो परिजन चिंतित हो गए और उन्हें ढूंढ़ने निकल गए। परिजनों के साथ गांव के भी लोग उन्हें ढूंढ़ने निकल गए।

तब गांव के ही किसी व्यक्ति द्वारा उनके तालाब तरफ जाने की जानकारी दी गई। इसके बाद सभी लोग तालाब पर पहुंचे, जहां एक बच्चे के कपड़े दिखाई दिए। तालाब में एक जगह अवैध खनन के चलते गहराई बन गयी थी, जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ था। उसी जगह तीनों मासूमों की लाश भी मिल गयी। उन तीनों मासूमों की मौत की खबर गाव में फैलते ही पूरे गाँव मे शोक की लहर छा गयी। 

परिजनों का हाल, बेहाल

परिजन उन्हें लेकर नजदीकी हॉस्पिटल पहुंचे, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जहां से तीनों बच्चो को पोस्टमार्टम के लिये एमवायएच ले जाया गया है। वहाँ तीनों बच्चो का आज पोस्टमार्टम होगा। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक साथ 3 बच्चों का यूं चला जाना कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है।

जिस तालाब में ये हादसा हुआ, उसका हो रहा है अवैध दोहन

बताया जाता है कि गांव के पास ही बना हुआ है ये बहुत बड़ा तालाब, जिसका होता है अवैध खनन। चूंकि तालाब काली मिट्टी का खजाना है, इसलिए आसपास के खनन माफिया के निशाने पर भी है ये तालाब। सरकार को कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक खनन करने वालो पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।