नहीं हो पा रहा गेहूं का पंजीयन किसान हो रहे परेशान
पुरे प्रदेश में किसानों को करना हे गेहूं का ऑनलाइन पंजीयन ,आखरी तारिख 28 फरवरी 2023

द एक्सपोज़ लाइव न्यूज़ नेटवर्क, इंदौर।
रबी विपणन वर्ष 2023-24 में गेहूं के विक्रय हेतु किसानों को पंजीयन कराना आवश्यक है ! मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बकायदा समाचार पत्रों में विज्ञापन देते हुए पंजीयन की निशुल्क व्यवस्था की भी जानकारी दी गई जिस में गेहूं का समर्थन मूल्य प्रति कुंटल रुपए 2125 रखा गया है ! पंजीयन के लिए किसान घर बैठे अपने मोबाइल से या एमपी ऑनलाइन कीओस्क ,जनपद पंचायत कार्यालय के सुविधा केंद्र, ग्राम पंचायत या किसी भी साइबर कैफे पर जाकर आसानी से पंजीयन की व्यवस्था भी बताई गई है !
पूरा पूरा दिन किसानों को बैठना पड़ रहा सुविधा केंद्रों पर
जमीनी स्तर पर जब एक्सपोज लाइफ की टीम पहुंची तो किसान अच्छे खासे परेशान दिख रहे हैं सरकार द्वारा जो वेबसाइट दी गई है ना तो वह वेबसाइट खुल रही है और यदा-कदा कर खुल जाती है तो ओटीपी आने में भी समय लग रहा है जिसके कारण एक किसान का पंजीयन करने के लिए कई बार कोशिश करनी पड़ रही है ! जिम्मेदारों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने पूरे मामले में अनभिज्ञता जाहिर कर दी बेशक विज्ञापन में लिखा हुआ है किसी भी तरह की समस्या होने पर सीएम हेल्पलाइन 181 पर संपर्क किया जा सकता है, लेकिन वहां से भी किसानों को कोई राहत अभी नहीं मिल रही है किसानों का कहना है की 28 तारीख पंजीयन की आखिरी तारीख है और अगर किसानों द्वारा इस बार पंजीयन नहीं होगा तो कम भाव में बाजार में गेहूं बेचने के लिए किसान मजबूर होगा !
भारतीय किसान संघ शहर अध्यक्ष दिलीप मुकाती का कहना है पंजीयन की व्यवस्था ही गलत है बेशक जिन किसानों ने पंजीयन पहले से करा रखा है उन्हें पंजीयन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए अगर किसान न भूमि किसी को बेच दी है तो उसका नए सिरे से पंजीयन कर लिया जाना चाहिए लेकिन पुराने किसान जिनके स्वामित्व संबंधी कोई बदलाव नहीं है उन्हें पंजीयन की बाध्यता से दूर रखा जाना चाहिए प्रदेश सरकार की इन्हीं नीतियों के कारण आज किसान परेशान है !
मामले में जब भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई दूरभाष पर किसी से भी संपर्क नहीं हो पाया भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री जितेन चौधरी का कहना है इस मामले में हम प्रदेश सरकार को अवगत कराएंगे और पंजीयन की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध भी करेंगे !
दरअसल भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा का गठन इसलिए किया गया है सरकार की नीतियों का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर हो पा रहा है या नहीं इस पर नजर रखें लेकिन एक भी पदाधिकारी जमीनी स्तर पर सक्रिय नहीं दिख पा रहा है ,यहां तक कि किसानों को आ रही घनघोर समस्याओं पर भी भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा मौन है !