UCC पास... लेकिन असली लड़ाई अब कानून की नहीं, लागू होने की है
मध्य प्रदेश विधानसभा में भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित हो गया। इसके साथ ही श्रम शक्ति संहिता-2026 और राजमार्ग संशोधन विधेयक भी पास हुए। जानिए UCC के प्रमुख प्रावधान, विपक्ष के विरोध और विधानसभा के बड़े फैसलों का पूरा विश्लेषण।
विधानसभा में हंगामे के बीच UCC बिल पास, विपक्ष का वॉकआउट... सरकार बोली- 93% जनता साथ, कांग्रेस ने कहा- अधिकार क्षेत्र से बाहर
भोपाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को भारी हंगामे, नारेबाजी और विपक्ष के विरोध के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया। कांग्रेस ने इसे प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) के पास भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया। विरोध के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बिल को पारित घोषित कर दिया।
अब यह विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी और राजपत्र में अधिसूचना के बाद प्रदेश में UCC लागू हो जाएगा।
Expose Live Lens
बिल पास हो गया... अब असली परीक्षा लागू करने की
विधानसभा में बहुमत से बिल पारित होना राजनीतिक जीत जरूर है, लेकिन असली चुनौती अब इसके क्रियान्वयन (Implementation) की होगी।
UCC सीधे तौर पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत कानूनों को प्रभावित करेगा। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था, रजिस्ट्रेशन सिस्टम और सामाजिक स्वीकार्यता सबसे बड़े सवाल होंगे। विपक्ष इसे संवैधानिक अधिकारों और राज्यों के अधिकार क्षेत्र से जोड़ रहा है, जबकि सरकार इसे महिला अधिकारों और सामाजिक समानता का कानून बता रही है।
सरकार ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया कि प्रदेश के 93% नागरिकों ने UCC का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा—
- महिलाओं को समान अधिकार मिलेगा।
- विवाह का सरकारी पंजीयन अनिवार्य होगा।
- एक पति या पत्नी के रहते दूसरा विवाह मान्य नहीं होगा।
- यह कानून सामाजिक भेदभाव खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कानून लगभग 10 लाख सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
महू-इंदौर विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा कि लिव-इन से जुड़े प्रावधान महिलाओं और बच्चों के अधिकार मजबूत करेंगे।
कांग्रेस ने क्यों किया विरोध?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार—
- युवाओं, किसानों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
- अनुच्छेद 29 के तहत अल्पसंख्यकों के सांस्कृतिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
- OBC और आदिवासी आरक्षण पर भविष्य में असर पड़ सकता है।
- UCC लागू करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है।
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन भी किया।
UCC लागू होने पर क्या बदलेगा?
प्रमुख प्रावधान
- विवाह का पंजीयन अनिवार्य
- एक पति/पत्नी रहते दूसरा विवाह प्रतिबंधित
- लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियम लागू
- महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को कानूनी संरक्षण
केवल UCC ही नहीं, ये दो बड़े कानून भी पास हुए
1. मध्यप्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक-2026
- बड़ी सड़क परियोजनाओं की फंडिंग आसान होगी।
- टोल और शुल्क व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनाई जाएगी।
- ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं को गति मिलेगी।
2. कार्यस्थल सशक्तिकरण (श्रम शक्ति संहिता)-2026
इस कानून के तहत—
- दुकानें 24×7 खुल सकेंगी।
- 8 घंटे की शिफ्ट अनिवार्य रहेगी।
- Gig Workers को पहली बार श्रम कानूनों में शामिल किया गया।
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए CCTV अनिवार्य होंगे।
Expose Live Take
UCC पर राजनीतिक बहस फिलहाल खत्म नहीं हुई है। विधानसभा से बिल पास होना पहला चरण है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि राज्यपाल की मंजूरी के बाद सरकार इसे कितनी तेजी और किस प्रशासनिक तैयारी के साथ लागू करती है। दूसरी ओर, कांग्रेस के संवैधानिक और अधिकार क्षेत्र से जुड़े सवाल संकेत देते हैं कि यह मुद्दा अदालत और राजनीति—दोनों में आगे भी चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

