फिल्म रिव्यू: अल्टीमेट बकवास है 'वेलकम टू द जंगल'
स्टारकास्ट देखकर एक्साइट मत हो जाना... क्योंकि 'Welcome to the Jungle' में कहानी Missing, कॉमेडी Missing और लॉजिक छुट्टी पर है। 2 घंटे 45 मिनट का फुल सिस्टम हैंग! जानिए क्यों ये फिल्म बनी हमारी 'Ultimate बकवास'।
भाई ये फिल्म नहीं, 2 घंटे 45 मिनट का सिस्टम हैंग है! हैंगओवर उतारने का डोज भी काम नहीं करेगा
रेटिंग: ⭐ (1/5)
निर्देशक: अहमद खान
निर्माता: फिरोज ए. नाडियाडवाला, बेस इंडस्ट्रीज़ ग्रुप, केप ऑफ गुड फिल्म्स
लेखक: फरहाद सामजी
कलाकार: अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, अरशद वारसी, जैकलीन फर्नांडिस, दिशा पाटनी, रवीना टंडन, लारा दत्ता, तुषार कपूर, श्रेयस तलपड़े, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, जैकी श्रॉफ, कृष्णा अभिषेक, किकू शारदा, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, दलेर मेहंदी, फरीदा जलाल समेत कई अन्य कलाकार।
अवधि: 2 घंटे 45 मिनट
सेंसर सर्टिफिकेट: UA 16+
First Impression
अगर आपको लगता है कि "जितने ज्यादा स्टार, उतनी बड़ी फिल्म", तो Welcome to the Jungle देखकर आपका ये भ्रम उसी स्पीड से टूटेगा, जिस स्पीड से थिएटर में लोग इंटरवल के बाद बाहर निकलते हैं।
ये फिल्म देखकर बस एक ही सवाल आता है...
स्क्रिप्ट थी भी या सबने सेट पर जाकर कहा था - "कुछ भी कर लो, एडिट में देख लेंगे!"
Story: स्टोरी का सर्वर डाउन है!
कहानी खजाने की है... या गैंगस्टरों की... या कॉमेडी की... या एक्शन की...
Honestly, फिल्म खुद भी डिसाइड नहीं कर पाती।
हर दस मिनट में नया कैरेक्टर एंट्री मारता है। ऐसा लगता है डायरेक्टर का गोल था कि IMDb की पूरी कास्ट लिस्ट खत्म करनी है।
Plot इतना बिखरा हुआ है कि Google Maps भी रास्ता न ढूंढ पाए।
Acting: सब आए... किसी ने कुछ नहीं किया
अक्षय कुमार कोशिश करते हैं फिल्म को बचाने की... लेकिन भाई अकेला आदमी Titanic नहीं बचा सकता।
परेश रावल आते हैं… अरशद वारसी आते हैं… जॉनी लीवर आते हैं...
लेकिन किसी को इतना स्क्रीन टाइम ही नहीं मिलता कि हंसी निकल सके।
बाकी कलाकार ऐसे लगते हैं जैसे शादी में ग्रुप फोटो के लिए बुला लिए गए हों।
Direction: भाई ने सोच लिया – जितने स्टार, उतनी ब्लॉकबस्टर!
अहमद खान ने शायद Excel Sheet में स्टार्स की गिनती देखकर सोचा...
"बस... अब फिल्म सुपरहिट।"
लेकिन कॉमेडी शोर से नहीं बनती।
Comedy = Timing + Writing.
और फिल्म में दोनों Missing हैं।
Music & Technical
Background music इतना तेज है कि कई बार लगता है फिल्म नहीं, DJ Night चल रही है।
Songs आते हैं… Story रुक जाती है।
Action आता है… Comedy गायब हो जाती है।
Camera अच्छा है… Locations भी बढ़िया हैं... लेकिन भाई, 4K में रिकॉर्ड की गई बोरियत भी आखिर बोरियत ही होती है।
क्या सही लगा?
Short Answer… Nothing.
- अक्षय कुमार के दो-चार वन-लाइनर।
- Production Value.
- शुरुआती कुछ मिनटों तक लगता है शायद फिल्म ठीक होगी...
फिर Reality Check मिल जाता है।
क्या देखकर माथा पकड़ लिया?
Short Answer… Everything.
- कहानी Missing.
- Screenplay Missing.
- Comedy Missing.
- Timing Missing.
- Logic Missing.
- Entertainment Missing.
बस कलाकारों की भीड़ Present.
Final Verdict
Welcome की Legacy को इस फिल्म ने Upgrade नहीं किया...
सीधे Factory Reset कर दिया।
अगर आपके पास 2 घंटे 45 मिनट फ्री हैं...
तो सो जाइए… घर साफ कर लीजिए… पुराने Welcome के Clips देख लीजिए...
लेकिन ये फिल्म देखने मत जाइए। और अगर फिर भी जाने का फैसला कर लिया है… तो Popcorn से पहले Disprin खरीद लेना।
कहीं ऐसा न हो थिएटर से सिर पकड़कर निकलो और लोग समझें फिल्म का कोई नया कैरेक्टर बाहर आया है।
Verdict: "No Cap... ये फिल्म Pure Headache Material है. Bro, Skip It.
सरप्राइजिंग थिंग- फिल्म खुद कहती है- Enter at your own risk."