151 जोड़ों का शिव अभिषेक, 1000 लोगों ने किया सवा लाख ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप…
151 जोड़े, 1000 से ज्यादा लोग और सवा लाख ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप… इंदौर में श्रावण एकादशी पर ऐसा क्या हुआ कि धार्मिक आयोजन चर्चा में आ गया? पढ़िए पूरी खबर।
श्रावण एकादशी पर विंध्याचल सोशल ग्रुप द्वारा इंदौर में आस्था का बड़ा आयोजन, भारत माता पूजन से लेकर सुंदरकांड तक, 7 साल से चली आ रही परंपरा में जनकल्याण और सुखद वर्षा के लिए की गई प्रार्थना
इंदौर।
श्रावण का महीना और भगवान शिव की आराधना… इंदौर में रविवार को आस्था का ऐसा संगम देखने को मिला, जहां 151 जोड़ों ने एक साथ पार्थिव महाशिवरुद्राभिषेक किया और 1000 से ज्यादा लोग सवा लाख ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र के जाप में शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान के साथ भारत माता का पूजन भी किया गया। कार्यक्रम का समापन चित्रकूट से आई टीम के सुंदरकांड पाठ के साथ हुआ।
यह आयोजन विंध्याचल सोशल ग्रुप इंदौर के नंदबाग जोन की ओर से श्रावण मास की एकादशी के अवसर पर किया गया। आयोजन के पीछे सुखद वर्षा और जनकल्याण की कामना को प्रमुख उद्देश्य बताया गया।
एक साथ बैठे 151 जोड़े, मंत्रोच्चार के बीच हुआ अभिषेक
कार्यक्रम में 151 जोड़ों ने सामूहिक रूप से पार्थिव महाशिवरुद्राभिषेक किया। ब्राह्मण विद्वानों ने विशेष मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक की प्रक्रिया पूरी कराई।
आयोजकों के मुताबिक, इस आयोजन में अलग-अलग जाति और धर्म से जुड़े लोग भी शामिल होते हैं। यानी आयोजन को केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रखते हुए सामूहिक सहभागिता का रूप देने की कोशिश की गई।

1000 से ज्यादा लोगों ने किया सवा लाख मंत्र जाप
महाशिवरुद्राभिषेक के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक रूप से ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप किया। आयोजकों के अनुसार, इस दौरान सवा लाख मंत्र जाप का संकल्प लिया गया।
इसके साथ ही भारत माता का पूजन भी किया गया। लोगों ने भगवान शिव से जनकल्याण और क्षेत्र में सुखद वर्षा की कामना की।
7 साल से नहीं टूटी परंपरा
विंध्याचल सोशल ग्रुप के मीडिया प्रभारी डॉ. आर.एन. मिश्रा के अनुसार, यह आयोजन पिछले 7 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। हर साल श्रावण मास में सामूहिक महाशिवरुद्राभिषेक के साथ पारिवारिक मिलन भी आयोजित किया जाता है।
यानी यह कार्यक्रम अब एक दिन के धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर ग्रुप की वार्षिक परंपरा बन चुका है।
धर्म के साथ सामाजिक सरोकार भी
ग्रुप केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है। संस्था के अनुसार, सदस्यों की ओर से समय-समय पर पौधारोपण, नशामुक्ति अभियान और नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जाते हैं।
इसके अलावा सदस्यों और उनके परिवारों के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य से जुड़े प्रयास किए जाने की बात भी संस्था ने कही है।
आयोजकों के मुताबिक, इंदौर के अलावा उज्जैन, देवास, महू, पीथमपुर, धार और आसपास के कई क्षेत्रों में ग्रुप से जुड़े लोग रहते हैं। संस्था का दावा है कि अलग-अलग क्षेत्रों में उसके लाखों सदस्य हैं।

धार्मिक आयोजन के बीच उठा रेल कनेक्टिविटी का मुद्दा
ग्रुप की गतिविधियों में स्थानीय और क्षेत्रीय मुद्दे भी शामिल हैं। संस्था की ओर से इंदौर-रीवा ट्रेन को नियमित करने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है।
यानी धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ क्षेत्र की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को भी मंच देने की कोशिश की जा रही है।
सुंदरकांड ने बांधा समापन का माहौल
दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रम का समापन सुंदरकांड के साथ हुआ। चित्रकूट के देवानंद जी महाराज की टीम ने सुंदरकांड का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर महंत श्री पवन दास जी महाराज, विंध्याचल सोशल ग्रुप के अध्यक्ष आरपी शर्मा, दिलीप मिश्रा, केबी दुबे, कमलेश मिश्रा, सौखीलाल मिश्रा, संतोष त्रिपाठी, योगेश तिवारी, गोकर्ण चतुर्वेदी, धर्मेंद्र मिश्रा, कमल त्रिपाठी, रमेश शर्मा, इंद्रिका तिवारी, अनूप शुक्ला, सुभाष दुबे, श्रवण मिश्रा, गौतम तिवारी, लवकुश मिश्रा, अशोक पटेल, सुरेश पाण्डेय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
Expose Live Take
151 जोड़े, 1000 से ज्यादा लोग और सवा लाख मंत्र जाप—इंदौर में हुआ यह आयोजन सिर्फ पूजा तक सीमित नहीं रहा। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक गतिविधियों और सामूहिक सहभागिता को जोड़ने की कोशिश भी इसमें दिखाई दी। सात साल से जारी यह परंपरा अब संस्था के बड़े वार्षिक आयोजनों में शामिल हो चुकी है।

