तेलंगाना में POCSO आरोपी का खूनी बदला! जमानत पर छूटा, फिर 6 जिंदगियां खत्म कर दीं

तेलंगाना के रंगारेड्डी में POCSO आरोपी ने जमानत पर बाहर आने के बाद नाबालिग पीड़िता, उसके परिवार और अपनी पत्नी-बच्चों समेत 6 लोगों की हत्या कर दी। जानिए पूरी वारदात, पुलिस जांच और उठते सवाल।

तेलंगाना में POCSO आरोपी का खूनी बदला! जमानत पर छूटा, फिर 6 जिंदगियां खत्म कर दीं

POCSO केस की रंजिश में आरोपी का खूनी तांडव—पहले शिकायतकर्ता परिवार को खत्म किया, फिर अपने ही घर में पत्नी और दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी; एक रात में छह हत्याओं से दहल उठा तेलंगाना

हैदराबाद/रंगारेड्डी।

क्या एक आरोपी, जो कानून की गिरफ्त में था और जमानत पर बाहर आया, इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है कि दो परिवार एक ही रात में खत्म हो जाएं? तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से आई यह घटना सिर्फ छह हत्याओं की खबर नहीं है, बल्कि कानून, सुरक्षा व्यवस्था और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।

रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल स्थित दैवालागुडा गांव में शनिवार तड़के POCSO एक्ट के आरोपी राजकुमार ने कथित तौर पर ऐसा खूनी खेल खेला, जिसने पूरे तेलंगाना को झकझोर दिया। आरोपी ने न सिर्फ उस नाबालिग लड़की और उसके परिवार को निशाना बनाया, जिसकी शिकायत पर वह जेल गया था, बल्कि अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की भी हत्या कर दी।

एक POCSO केस... और फिर छह हत्याएं

पुलिस के मुताबिक, मई 2026 में राजकुमार के खिलाफ एक नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न और पीछा करने का मामला दर्ज हुआ था। POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तारी के बाद वह कुछ दिन पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था।

जांच एजेंसियों का शुरुआती मानना है कि आरोपी अपनी गिरफ्तारी के लिए शिकायतकर्ता परिवार को जिम्मेदार मान रहा था और इसी बदले की भावना में उसने पूरी वारदात को अंजाम दिया।

पहले पीड़ित परिवार, फिर अपना घर...

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी सबसे पहले नाबालिग पीड़िता के घर पहुंचा। वहां उसने लड़की की मां और नानी की हत्या कर दी। इसके बाद वह नाबालिग को अपने साथ ले गया और सुनसान इलाके में उसकी भी हत्या कर दी।

लेकिन खूनी सिलसिला यहीं नहीं रुका।

इसके बाद आरोपी अपने घर पहुंचा और वहां अपनी पत्नी तथा दो छोटे बेटों की भी बेरहमी से हत्या कर दी। कुछ ही घंटों में छह लोगों की जान चली गई और दो परिवार पूरी तरह उजड़ गए।

हत्या के बाद माता-पिता को किया फोन

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी ने अपने माता-पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और फिर फरार हो गया।

फिलहाल पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। आसपास के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस पर भी उठे सवाल

इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • क्या जमानत पर छूटे आरोपी से पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की गई थी?
  • क्या पुलिस ने खतरे का सही आकलन किया?
  • क्या शिकायतकर्ता परिवार को सुरक्षा मिलनी चाहिए थी?

इन्हीं सवालों के बीच मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद एक सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

यह सिर्फ मर्डर केस नहीं, सिस्टम की भी परीक्षा है

यह घटना केवल छह लोगों की हत्या नहीं है। यह उस चुनौती की भी याद दिलाती है कि संवेदनशील मामलों में जमानत पर रिहा होने वाले आरोपियों की निगरानी, पीड़ित परिवारों की सुरक्षा और समय रहते खतरे का आकलन कितना जरूरी है।

जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी साजिश और हत्या की असली टाइमलाइन साफ हो सकेगी।