32 फर्जी विश्वविद्यालयों का खुलासा... लेकिन बंद कितने हुए? सरकार के पास नहीं है जवाब

देश में 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान हो चुकी है, लेकिन संसद में सरकार यह नहीं बता सकी कि इनमें से कितने बंद हुए, कितनों पर एफआईआर दर्ज हुई और कितनों के खिलाफ मुकदमा चला। यूजीसी की कार्रवाई में नोटिस, चेतावनी और सूची तो है, लेकिन नतीजों पर बड़ा सवाल कायम है।

32 फर्जी विश्वविद्यालयों का खुलासा... लेकिन बंद कितने हुए? सरकार के पास नहीं है जवाब

नोटिस, चेतावनी और लिस्ट का हिसाब... लेकिन कार्रवाई का नतीजा गायब, आखिर फर्जी शिक्षा का कारोबार कब रुकेगा?

30 साल से एंटी-फर्जी सिस्टम, हर साल नई लिस्ट... फिर भी फर्जी विश्वविद्यालय क्यों जिंदा हैं?

नई दिल्ली। 

अगर कोई संस्था खुद को विश्वविद्यालय बताकर छात्रों से फीस वसूले, डिग्री बांटे और बाद में यूजीसी उसे "फर्जी विश्वविद्यालय" घोषित कर दे, तो अगला कदम क्या होना चाहिए? कार्रवाई... ताला... मुकदमा... या सिर्फ एक नोटिस?

संसद में दिए गए सरकार के जवाबों ने यही सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में बताया कि देश में 32 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय घोषित किया गया है। सरकार ने यह भी गिनाया कि नोटिस भेजे गए, चेतावनियां जारी हुईं, वेबसाइट पर सूची डाली गई, सोशल मीडिया पर अलर्ट जारी किए गए और राज्यों से एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया।

लेकिन जब बात कार्रवाई के नतीजे की आई, तो तस्वीर धुंधली हो गई। संसद में यह नहीं बताया गया कि इन 32 में से कितने फर्जी विश्वविद्यालय बंद हुए, कितनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, कितनों पर अभियोजन चला और कितने आज भी किसी न किसी रूप में सक्रिय हैं।

फर्जी विश्वविद्यालयों का सबसे बड़ा गढ़ दिल्ली

यूजीसी की फरवरी 2026 की सूची बताती है कि देश के 32 फर्जी विश्वविद्यालय सिर्फ 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अकेले दिल्ली में ही 12 फर्जी विश्वविद्यालय चल रहे हैं। यानी देश के हर तीन फर्जी विश्वविद्यालयों में से एक दिल्ली में है। उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जबकि कई राज्यों में अब भी ऐसे संस्थान छात्रों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

30 साल पुराना सिस्टम... फिर भी हर साल नई फर्जी यूनिवर्सिटी

फर्जी विश्वविद्यालयों पर रोक लगाने के लिए यूजीसी ने 1996 में एंटी-माल-प्रैक्टिस सेल (AMPC) बनाया था। यानी करीब 30 साल से निगरानी का तंत्र मौजूद है।

इसके बावजूद 2026 में भी देश में 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करनी पड़ रही है।

सवाल यह है कि अगर कार्रवाई प्रभावी है तो हर कुछ समय बाद नई सूची क्यों बनानी पड़ रही है?

सिर्फ चेतावनी से रुकेगा 'डिग्री का कारोबार'?

यूजीसी के जवाब के मुताबिक उसकी प्रमुख कार्रवाई यह है—

  • नोटिस भेजना।
  • चेतावनी जारी करना।
  • वेबसाइट पर सूची प्रकाशित करना।
  • छात्रों को सतर्क करना।
  • राज्यों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखना।

यानी व्यवस्था का सबसे बड़ा हथियार अभी भी "नोटिस" और "सलाह" ही नजर आता है।

दूसरी ओर, यूजीसी ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ एडटेक कंपनियां मान्यता प्राप्त संस्थानों के नाम पर ऑनलाइन डिग्री कार्यक्रमों के विज्ञापन चला रही थीं। यूजीसी को सार्वजनिक चेतावनी जारी करनी पड़ी कि ऐसी फ्रेंचाइजी व्यवस्था मान्य नहीं है और ऐसे कार्यक्रमों को मान्यता प्राप्त नहीं है।

सबसे बड़ा सवाल यही है...

अगर कोई संस्थान फर्जी है, तो—

  • क्या वह आज भी छात्रों का प्रवेश ले रहा है?
  • क्या उसकी वेबसाइट अब भी चल रही है?
  • क्या उसके खिलाफ एफआईआर हुई?
  • क्या उसे सील किया गया?
  • क्या छात्रों का पैसा वापस दिलाया गया?
  • क्या किसी जिम्मेदार व्यक्ति को सजा मिली?

सरकार के जवाब इन सवालों का उत्तर नहीं देते।

मध्य प्रदेश को राहत, लेकिन सतर्क रहना जरूरी

अगर आप मध्य प्रदेश में कॉलेज या विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। यूजीसी की फरवरी 2026 में जारी 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची में मध्य प्रदेश का एक भी संस्थान शामिल नहीं है। यानी फिलहाल राज्य का कोई विश्वविद्यालय यूजीसी की फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची में दर्ज नहीं है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि बिना जांच-पड़ताल के किसी भी संस्थान में प्रवेश ले लिया जाए। यूजीसी समय-समय पर छात्रों को सलाह देता है कि एडमिशन से पहले संबंधित विश्वविद्यालय की मान्यता उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांचें, खासकर ऑनलाइन डिग्री और एडटेक प्लेटफॉर्म के जरिए चलाए जा रहे कोर्सों में।

मध्य प्रदेश में विश्वविद्यालयों की स्थिति

  • राज्य विश्वविद्यालय : 27
  • केंद्रीय विश्वविद्यालय : 2
  • डीम्ड विश्वविद्यालय : 5
  • निजी विश्वविद्यालय : 54

कुल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय : 88

देश में विश्वविद्यालयों की तस्वीर

भारत में कुल 1,295 विश्वविद्यालय

श्रेणी

संख्या

राज्य विश्वविद्यालय

522

निजी विश्वविद्यालय

559

केंद्रीय विश्वविद्यालय

57

डीम्ड विश्वविद्यालय

157

कुल

1,295

फर्जी विश्वविद्यालय

  • कुल फर्जी विश्वविद्यालय: 32
  • सबसे ज्यादा दिल्ली में: 12
  • मध्य प्रदेश: 0

स्रोत: UGC University Directory 2026 एवं UGC Fake University List (फरवरी 2026)

Expose Live Take

फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करना सूचना है, समाधान नहीं।

जब तक सरकार यह सार्वजनिक नहीं करती कि 32 में से कितने संस्थान बंद हुए, कितनों पर मुकदमा चला और कितनों को सजा मिली, तब तक हर नई सूची यह सवाल उठाती रहेगी कि क्या फर्जी शिक्षा के कारोबार पर कार्रवाई हो रही है या सिर्फ उसकी गिनती?

नोटिस, चेतावनी और सूची जरूरी हैं, लेकिन अगर इनके बाद भी फर्जी विश्वविद्यालय मौजूद हैं, तो सबसे बड़ा सवाल कार्रवाई की प्रभावशीलता पर ही खड़ा होगा।

यहां देखें फर्जी युनिवर्सिटीज़ की लिस्ट

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