38 साल में इंदौर का छठा टेस्ट क्रिकेटर: सारांश जैन ने खोला टीम इंडिया का दरवाजा

इंदौर के 33 वर्षीय स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है। श्रीलंका दौरे के लिए चुने गए सारांश इंदौर के छठे खिलाड़ी हैं जो टेस्ट टीम का हिस्सा बने हैं। जानिए उनके संघर्ष, घरेलू रिकॉर्ड और टीम इंडिया तक के सफर की पूरी कहानी।

38 साल में इंदौर का छठा टेस्ट क्रिकेटर: सारांश जैन ने खोला टीम इंडिया का दरवाजा

ढाई साल बाद इंदौर से फिर टीम इंडिया में दस्तक, घरेलू क्रिकेट की लंबी तपस्या का मिला इनाम, अब नजर टेस्ट कैप पर

इंदौर। 

क्रिकेट में अक्सर सुर्खियां IPL बनाता है, लेकिन टीम इंडिया का टेस्ट कैप आज भी किसी खिलाड़ी के करियर का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। इंदौर के 33 वर्षीय स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन ने यही मुकाम हासिल कर लिया है। BCCI ने श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित की और पहली बार सारांश जैन का नाम उसमें शामिल है।

यह सिर्फ एक खिलाड़ी का चयन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के घरेलू क्रिकेट की उस मेहनत की पहचान है, जो वर्षों से लगातार प्रदर्शन कर रही थी। रजत पाटीदार के बाद ढाई साल में इंदौर ने एक और टेस्ट क्रिकेटर टीम इंडिया को दिया है।

IPL नहीं, रणजी की मेहनत ने दिलाया टीम इंडिया का टिकट

सारांश जैन उन खिलाड़ियों में नहीं रहे जिन्हें रातोंरात पहचान मिली। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन किया, गेंद से मैच जिताए और जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी टीम को संभाला।

हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए की ओर से दूसरे चार दिवसीय मुकाबले में उन्होंने नाबाद 70 रन बनाए और 6 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। यही प्रदर्शन उनके टेस्ट चयन की सबसे मजबूत वजह माना जा रहा है।

38 साल में इंदौर के सिर्फ छह खिलाड़ी पहुंचे टेस्ट टीम तक

इंदौर लंबे समय से भारतीय क्रिकेट को खिलाड़ी देता रहा है, लेकिन टेस्ट टीम तक पहुंचने वालों की संख्या बेहद सीमित रही है।

इंदौर के टेस्ट क्रिकेटर

  • 1988 – नरेंद्र हिरवानी
  • 1993 – राजेश चौहान
  • 2015 – नमन ओझा
  • 2023 – आवेश खान (टीम में चयन, डेब्यू नहीं)
  • 2024 – रजत पाटीदार
  • 2026 – सारांश जैन

यानी 38 वर्षों में सारांश इंदौर के छठे खिलाड़ी हैं जिन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है।

रणजी के भरोसेमंद ऑलराउंडर

सारांश का प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड बताता है कि चयन किसी एक प्रदर्शन का नतीजा नहीं है।

फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड

  • 54 मैच
  • 2,223 रन
  • 2 शतक
  • 14 अर्धशतक
  • 188 विकेट
  • 10 बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट

पिछले दो रणजी सीजन में उन्होंने लगातार विकेट लेकर खुद को मध्यप्रदेश का सबसे भरोसेमंद स्पिनर साबित किया।

पिता का अधूरा सपना, बेटे ने किया पूरा

सारांश क्रिकेट विरासत से आते हैं। उनके पिता सुबोध जैन मध्यप्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। उनका सपना भारत के लिए खेलना था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका।

अब वही सपना बेटे के जरिए पूरा होने जा रहा है।

परिवार की कहानी संघर्ष से भी जुड़ी रही। पिता कैंसर से लड़ते रहे, जबकि बड़े भाई ने अपना क्रिकेट करियर पीछे छोड़कर सारांश को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया। यह चयन केवल क्रिकेट उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे परिवार की वर्षों की तपस्या का परिणाम भी है।

विजय क्लब से टीम इंडिया तक

इंदौर में जन्मे सारांश ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत विजय क्लब से की। इसी दौरान उन्होंने रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ियों के साथ अभ्यास किया। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने इंडिया-ए तक का सफर तय किया और अब भारतीय टेस्ट टीम में जगह बना ली है।

अब सबसे बड़ा सवाल—क्या मिलेगी टेस्ट कैप?

भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में और दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा।

टीम में जगह मिल चुकी है, लेकिन असली परीक्षा प्लेइंग-11 में चयन की होगी। यदि सारांश को मौका मिलता है तो इंदौर को एक और टेस्ट डेब्यू देखने का अवसर मिलेगा।

STORY BOX | सारांश जैन एक नजर में

  • उम्र: 33 वर्ष
  • जन्म: 31 मार्च 1993, इंदौर
  • भूमिका: स्पिन ऑलराउंडर (ऑफ स्पिन)
  • पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में चयन
  • इंडिया-ए के लिए श्रीलंका में 70* रन और 6 विकेट
  • फर्स्ट क्लास क्रिकेट: 54 मैच, 2,223 रन, 188 विकेट

Expose Live Take

क्रिकेट में आज सबसे ज्यादा चर्चा T20 और IPL की होती है, लेकिन सारांश जैन की कहानी बताती है कि रणजी ट्रॉफी और घरेलू क्रिकेट का रास्ता अब भी टीम इंडिया तक जाता है। 33 साल की उम्र में मिला यह मौका उन खिलाड़ियों के लिए भी संदेश है, जो बिना शोर किए लगातार मेहनत कर रहे हैं। अब इंदौर की निगाहें सिर्फ एक चीज पर हैं—क्या श्रीलंका में सारांश जैन को नीली टेस्ट कैप पहनने का मौका मिलेगा?